
निचलौल:महिला ग्राम रोजगार सेवकों पर लटक सकती है विभाग की तलवार,पतियों द्वारा पत्नियों को ड्यूटी नहीं करने दिया जाता है। करीब 20 महिलाओं में मात्र चार महिला रोजगार सेवक करती हैं ड्यूटी
अब बड़ा सवाल यह है कि जिस सरकार में महिलाओं को सम्मान दिया जा रहा है तो वही निचलौल ब्लॉक में महिला ग्राम रोजगार सेवकों का शोषण किया जा रहा है जबकि खंड विकास अधिकारी या फिर उनके नीचे जो भी अधिकारी व कर्मचारी हैं इस बात से सभी लोग अवगत है फिर भी फर्जी ग्राम रोजगार सेवकों पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही ।
जैसा कि एक तरफ सरकार महिलाओं को सम्मान देने का काम कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ निचलौल विकासखंड में करीब 20 महिला ग्राम रोजगार सेवक हैं जिनमें से गिना चुना नाम जैसे की वंदना यादव, सच्ची पांडेय, शिरोमणि और नीलम यादव कार्यभार संभालती है वहीँ शेष महिला ग्राम रोजगार सेवकों के पति उनका शोषण कर पत्नी की नौकरी को अपनी जागीर समझकर महिलाओं का शोषण करने में लगे हुए हैं सिर्फ चार महिला रोजगार सेवक ब्लॉक में जाती है मनरेगा का काम कराती हैं और अन्य भी काम कराती है तो शेष बचे महिला ग्राम रोजगार सेवक क्यों नहीं ?
सूत्रों की माने तो जो महिला रोजगार सेवक है वह ना तो ब्लॉक के अधिकारी कर्मचारी को पहचानती होगी और ना ही ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी ,सहायक विकास अधिकारी या फिर सचिव कोई उन्हें पहचानता ही नहीं होगा जबकि संविदा की नौकरी है उसके बावजूद इन महिला रोजगार सेवकों के पति द्वारा पत्नी से ड्यूटी ना कर कर अपने खुद ड्यूटी करने में लगे हुए हैं क्या इस पर कार्यवाही होगी या विकासखंड निचलौल के अधिकारियों/ कर्मचारियों द्वारा इन लोगों को बचाया जाएगा सबसे बड़ी दिलचस्प बात तो यह है की कुछ लोगों ने बात न खुलने की शर्त पर बताया कि महिला ग्राम रोजगार सेवक का हस्ताक्षर भी उनके पतियों द्वारा ही कर दिया जाता है
