निचलौल के चटिया में मनरेगा पर उठे सवाल: तकनीकी सहायक राजेश सिंह के फोन कॉल से बढ़ा विवाद, पत्रकारिता पर दबाव का आरोप

निचलौल ब्लॉक की ग्राम सभा चटिया में मनरेगा कार्यों को लेकर चल रहे विवाद के बीच नया मोड़ सामने आया है। मनरेगा में कथित अनियमितताओं और फर्जी वृक्षारोपण भुगतान के आरोपों से घिरे मामले में ब्लॉक तकनीकी सहायक (BTA) राजेश सिंह द्वारा पत्रकार को फोन किए जाने का ऑडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
आरोप है कि फोन वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि खबर प्रकाशित करने से पहले उनसे “कंसल्ट” करना चाहिए। इस बयान के बाद क्षेत्र में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब पत्रकारों को खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति या परामर्श लेना होगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मनरेगा कार्यों में सब कुछ पारदर्शी है तो फिर खबरों को लेकर इस प्रकार की प्रतिक्रिया क्यों दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष का कहना है कि उनकी बात को भी प्रमुखता से रखा जाना चाहिए।
चटिया ग्राम सभा में वृक्षारोपण कार्य, मजदूरों की उपस्थिति और भुगतान को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
आपकी क्या राय है?
क्या पत्रकारों को खबर प्रकाशित करने से पहले अधिकारियों से “कंसल्ट” करना चाहिए या स्वतंत्र पत्रकारिता को बिना किसी दबाव के काम करने की आजादी होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें। #BreakingNews
