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रायबरेली मजदूर संगठनो ने रेलवे स्टेशन परिसर में जताया विरोध

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सन्दीप मिश्रा

रायबरेली। केन्द्रीय श्रम संगठनों/औद्योगिक फेडरेशनो/कर्मचारी संगठनों 08.01.2020 के आवाहन पर आम हडताल के समर्थन में विभिन मजदूर संगठनों ने रायबरेली जिले के रेलवे स्टेशन रायबरेली पर आम हड़ताल में मुख्य मांगें जिलाधिकारी को सम्बोधित करते हुय ज्ञापन दिया। जिसमे इन कर्मचारियों की प्रमुख मांगे है कि सभी के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रू० प्रतिमाह से कम न हो तथा इसे मूल्य सूचाक से जोड़ा जाए। स्थायी/बारामासी कामों के लिए ठेका प्रथा बंद हो। ठेका/संविदा आउट सोर्सिग कर्मचारी जो नियमित कर्मचारी का कार्य कर रहे है। उन्हें नियमित किया जाए । जब तक उन्हे नियमित नही किया जाता नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्ता दिया जाए। बोनस और प्राविडेण्ट फण्ड की अदायगी पर से सभी बाध्यता सीमा हटायी जाए. ग्रेच्युटी का भुगतान 45 दिन प्रतिवर्ष के हिसाब से किया जाए।सबके लिये पेशंन सुनिश्चित किया जाए। ईपीएफओ द्वारा सभी को एक हजार की जगह कम से कम दस हजार रूपया प्रति माह पेंशन दिया जाए।केन्द्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाए। केन्द्र व राज्य कर्मचारियों को एक समान वेतन व भत्ते दिया जाए। रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाया जाए। कन्द्र व राज्य सरकार के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती किया जाए। नियमित प्रकृति के कार्यो में कार्यरत सभी उद्योगों के सविदा/आउट सोर्सिग कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा कार्य के आधार पर आवश्यकतानुसार नई भर्ती की जाए ताकि बेरोजगारी दूर हो सके। स्थायी प्रकृति के काम पर स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। श्रम कानूनो को सख्ती से लागू किया जाय तथा श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस लिया जाय।असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सर्वव्यापी सामजिक सुरक्षा कानून बनाया जाए। एंव राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष का निर्माण किया जाये।केन्द्र व राज्य के सार्वजनिक इकाईयो/अण्डर टेकिंग उपकमों के विनिवेश पर रोक लगाई जाये। ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण 45 दिन की सीमा के अन्दर अनिवार्य किया जाय और आईएलओ कन्वेशन के प्रस्ताव 87 व 98 का तुरन्त रैक्टीफिकेशन किया जाय।केन्द्र सरकार रेल, रक्षा, बीमा में विदेशी पूंजी निवेश पर रोक लगाये।इन संगठनों की अन्य मांगे भी थी जिसमे स्कीम वर्कर्स-आगनबाडी. मिड डे मिल, आशा, रोजगार सेवक ग्रामीण चौकीदार पार्को व स्मारकों में कार्यरत कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय। उन्ही की तरह वेतन व अन्य हित लाभ दिये जाय। छठे वेतन आयोग के सिफारिस के आधार पर सभी उद्योगो में कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु होने पर संविदा-आउटसोर्सिग कर्मचारी/नियमित कर्मचारियों के आश्रित को 10 लाख रूपया मुआवजा एंव आश्रित को नौकरी दिया जाए। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुर्नगठन किया जाय। प्रदेश में न्यूनतम वेतन के लिये समिति का गठन किया जाये।

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