एमसीपी’ कार्ड को लेकर प्रशिक्षित किए गए प्रशिक्षक

सौरभ पाण्डेय की रिपोर्ट

:- मातृ -शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड पर दर्ज होगा आवश्यक ब्यौरा

:- अब नौ के बजाय 40 पेज का होगा एमसीपी कार्ड

महराजगंज:- मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सोमवार को कुल 40 प्रशिक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों को मातृ-शिशु सुरक्षा (एमसीपी)कार्ड की फीडिंग कर बारें में जानकारी दी गई।यूनिसेफ के मंडलीय समन्वयक/ प्रशिक्षक मनोज श्रीवास्तव ने बताया गया कि जो एमसीपी कार्ड पहले नौ पेज का था , अब वह 40 पेज का हो गया है। इस कार्ड पर माँ के साथ शिशु का भी पूरा ब्यौरा अंकित होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड का स्वरूप बदल दिया है।नए कार्ड में बच्चे के विकास के बारे में संकेतक बताए गए हैं, ताकि माँ अपने बच्चे के सामान्य और असामान्य स्थिति को समझ सके। स्थिति असामान्य होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। 


अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाँ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अब इस कार्ड पर गर्भवती की प्रारंभिक जांच से लेकर प्रसव तक की सभी प्रविष्टियाँ दर्ज करनी होगी, साथ ही साथ नवजात शिशु की जन्म की स्थिति, टीकाकरण की स्थिति एवं  उसके विकास पर परिवार को पूरी जानकारी दी जाएगी।
यूनिसेफ के जिला समन्वयक संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कार्ड पर माता-पिता अथवा परिवार के किसी भी व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी अंकित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले वाले सभी चिकित्सक बतौर प्रशिक्षक अपने- अपने ब्लाकों में जाकर एएनएम, आशा व आंगनबाङी की (एएए) की प्रशिक्षित करेंगे।
डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर संदीप पाठक ने बताया कि सभी एएनएम माँ को एमसीपी कार्ड उपलब्ध कराने साथ साथ स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी देती रहेंगी। 
 प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में डाक्टर एसके सिंह, डाक्टर केपी सिंह, डाक्टर ईश्वर चंद, डाक्टर विपिन शुक्ला सहित अन्य प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक  सूर्य प्रताप सिंह व अन्य तथा ब्लाक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर लवली वर्मा सहित अन्य बीसीपीएम के नाम हैं।

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