साइबर अपराधी द्वारा ए0टी0एम0 बूथ का फायदा उठाकर ‘आँनलाईन फ्राड’ करके उड़ाया पैसा साइबर सेल कुशीनगर द्वारा कराया गया वापस।

बिनय तिवारी की रिपोर्ट,

पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को फरियादी गोपाल कुमार केडिया सा0 हाटा ने प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि प्रार्थी के भारतीय स्टेट बैंक हाटा के बचत खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रु0 21200/- निकाल लिया गया। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उक्त घटना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जांच में पाया कि फरियादी गोपाल कुमार केडिया के ए0टी0एम0 मशीन से पैसा निकालते समय ही साइबर अपराधियों द्वारा उनका डाटा *(ए0टी0एम0 कार्ड नं0, सी0वी0वी0नं0 व पासवर्ड )* चोरी कर लिया गया था। जिसकी भनक तक फरियादी को नही लगी थी। और बाद में साइबर अपराधियो द्वारा फरियादी के खाते से पैसा निकालना शुरू कर दिया गया। जब फरियादी के पैसा निकलने का मैसेज फोन पर आना शुरू हो गया तो तुरन्त फरियादी ने अपना खाता व ए0टी0एम0 कार्ड दोनों फ्रिज करा दिया गया। परन्तु तब तक साइबर अपराधियों द्वारा रू0 21200/- की धनराशि निकाल ली गयी थी । उक्त निकाली गयी धनराशि की जांच में पता चला कि अपराधियों द्वारा *‘Phone-Pay’ और ‘Mobikwik’ नामक कैश वैलट में तथा ‘Flipkart’* के माध्यम से ऑनलाइन खरीददारी की गयी । श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार उक्त के क्रम में साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त दोनों वैलेटों को फ्रीज कराया गया तथा Flipkart के माध्यम से ऑनलाइन खरीददारी को भी निरस्त कराते हुए रू0-10000/- (रू0 हजार मात्र) फरियादी के स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया बैंक के बचत खाते में वापस करा दिया गया ।
पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल निर्देशन में कार्य कर रही साइबर पुलिस टीम ने बताया कि साइबर फ्राड होने की दशा मे *यदि फरियादी साइबर ठगी होने के 24 घण्टे के अन्दर सूचना देता है तो ‘फ्राड’ किये गये पैसो की वापसी की सम्भावना अधिक रहती है।*
*साइबर फ्राड से बचाव का तरीका-*
पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री राजीव नारायण मिश्र द्वारा बताया गया कि आज के आधुनिक परिवेश में सबसे अधिक साइबर फ्राड फोन करके *O.T.P. (One Time Password) पूछकर पैसे निकालते समय ए0टी0एम0 कार्ड का नं0 व पासवर्ड चोरी करके ऑनलाइन वैलेटो के माध्यम से किया जा रहा* जिससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि फोन पर किसी भी व्यक्ति को अपने खाते से सम्बन्धित जानकारी साझा न करें और एटीएम बूथ से पैसे निकालते समय बूथ में अकेले ही प्रवेंश करे व अपना पासवर्ड छूपा कर दर्ज करें। अधिकतर साइबर अपराधी एटीएम बूथ में भीड़ का फायदा उठाकर साथ ही एटीएम बूथ के अन्दर प्रवेश कर जाते है। एवं सामने वाले व्यक्ति के पैसा निकालते समय ही उसका एटीएम कार्ड नं0 व पासवर्ड याद कर लेते है। जिसका भनक तक सामने वाले व्यक्ति को नही लगती है कि उसका एटीएम कार्ड नं0 व पासवर्ड चोरी हो गया है। यदि इस तरह का किसी भी प्रकार का शक हो तो तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें।

कुशीनगर।

 

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