जनसूचना अधिकार के तहत गलत सूचना दे रहे तिलोई तहसीलदार

 

सन्दीप मिश्र
ब्यूरो

अमेठी। जन सूचना अधिकार के तहत मांगी जा रही जानकारी में जनपद अमेठी के तिलोई तहसीलदार एक सेवानिवृत्त संग्रह अमीन को उसकी पेंशन के बारे में अपने ही अधिकारियों को गलत जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 को इसलिए बनाया गया था कि आम जनता भी इससे सरकार के कार्यों की जानकारी ले सकें इसके लिए बाकायदा जिम्मेदार अधिकारी तय किए गए और गलत सूचना देने पर दंडित करने का भी प्रावधान है । परंतु अमेठी जनपद के तिलोई तहसीलदार ने तिलोई में तैनात एक सेवानिवृत्त संग्रह अमीन हरि नरायन मिश्रा द्वारा मांगी गई जानकारी में अपने आला अधिकारियों को ही गुमराह करके रख दिया। जिसका नतीजा है कि रिटायर्ड कर्मचारी आज भी अपनी उचित पेंशन के लिए गुहार लगा रहा । जिलाधिकारी अमेठी को दिए गए पत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री मिश्र ने कहा है कि उसने 1 जनवरी 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन में वृद्धि किए जाने के कारण पेंशन पुनरीक्षण हेतु प्रार्थी ने 22 मार्च 2018 व अनुस्मारक 13 जून 2018 को पंजीकृत डाक से भेज कर बढ़ोत्तरी पेशन का लाभ दिए जाने का अनुरोध किया था। जिस के संबंध में कोई कार्यवाही ना होने के कारण जनसूचना अधिकार के तहत 29 दिसंबर 2018 को जन सूचना अधिकारी /तहसीलदार तिलोई से चार बिंदुओं पर सूचना देने का अनुरोध किया था। जिस क्रम में जन सूचना अधिकारी/ तहसीलदार तिलोई द्वारा पत्रांक 458/ दिनांक 5/3/ 2019 के माध्यम से 8 मार्च 2003 को सूचना उपलब्ध कराई गई जिसमें अवगत कराएगा की वेतन निर्धारण कर पेंशन पुनरीक्षण हेतु अपर निदेशक को पत्र 19 दिसंबर 2018 व अनुस्मारक 5 मार्च 2019 को पेश किया गया है। तहसीलदार द्वारा लिखित रूप से दी गई सूचना पर रिटायर्ड कर्मचारी ने अपर निदेशक जन सूचना अधिकारी पेंशन एवं कोषागार अयोध्या मंडल अयोध्या को पंजीकृत डाक से 23 मार्च 2019 को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर अग्रिम कार्रवाई की सूचना चाही। जिस के क्रम में वहां से पत्रांक संख्या 4085/ दिनांक 24 जून 2019 को अवगत कराया गया कि कार्यालय अभिलेखों में जिला अधिकारी अमेठी का पत्र दिनांक 5/3/ 2019 एवं 19 /12/ 2018 को प्राप्त होना नहीं पाया गया। जबकि तहसीलदार ने दोनों ही पत्रों को जिलाधिकारी के समक्ष प्रेषित करने की सूचना कर्मचारी द्वारा जन सूचना अधिकार के माध्यम से मांगने पर दी है। रिटायर्ड कर्मचारी ने अनुरोध किया है कि तहसीलदार तिलोई द्वारा 5 मार्च 2019 को भ्रामक एवं गलत तथ्यों के आधार पर सूचना उपलब्ध कराए जाने के संबंध में जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए तथा इससे कर्मचारियों को अब तक पहुंची आर्थिक क्षति की भी इन्हीं अधिकारियों से भरपाई सुनिश्चित करवाई जाए।

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