कुपोषण दूर करने को स्कूलों में बनेगी पोषण वाटिका

सौरभ पाण्डेय की रिपोर्ट

बच्चों को एमडीएम में परोसी जाएगी ताजी सब्जी, पोषक तत्वों के बारे में देंगे जानकारी

सुरक्षा एवं पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों में बनाएंगे पोषण वाटिका

महराजगंज:- पोषण अभियान के तहत कुपोषण दूर करने के लिए अब विद्यालयों में पोषण वाटिका बनेगी। पोषण वाटिका उन्हीं स्कूलों में बनायी जाएगी जहाँ पर्याप्त भूमि एवं सुरक्षा के लिए बाड़े की व्यवस्था होगी। वाटिका बनाने के लिए धन महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम से खर्च होगा।
पोषण अभियान के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए पोषण वाटिका बनाए जाने के लिए प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि बच्चों को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता एवं पोषण तत्वों के बारे में बताना तथा उनकी जानकारी बढ़ाना ही पोषण वाटिका का मुख्य उद्देश्य है। स्वयं सहायता समूहों से भी पोषण वाटिका बनवाई जा सकती है।
पोषण वाटिका लगाने के लिए उद्यान विभाग सशुल्क बीज व पौधा उपलब्ध कराएगा। बीज व पौधों के मूल्य के साथ -साथ पोषण वाटिका में आवश्यक मजदूरी का भुगतान ग्राम प्रधान मनरेगा से करेंगे।
इस पोषण वाटिका से कुपोषित किशोर-किशोरियों के ऐसे परिवार की भी सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी जो परिवार सब्जी नहीं खरीद पाते होंगे। एक बार पोषण वाटिका बन जाने से उसके रख रखाव की व्यवस्था प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की होगी। पोषण वाटिका में पैदा होने वाली सब्ज़ियों को बच्चों को मध्याह्न भोजन में भी परोसा जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में पोषण वाटिका बनाने को विद्यालयों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य विभागों से भी समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक पोषण वाटिका बनाने की दिशा में कार्य कराना शुरू करा दिया गया है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
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किस विद्यालय में बन सकता है पोषण वाटिका

– जहाँ सिंचाई के लिए जलस्रोत उपलब्ध हो।
– जहाँ बलुई- कीचड़ मिट्टी हो।
-जहाँ सूर्य की रोशनी पहुंचती हो।
– जहाँ पोषण वाटिका के लिए 200, 300 अथवा 400 वर्ग मीटर भूमि हो।
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इन विभागों की होगी सहभागिता

महराजगंज। जन समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों से जोड़ते हुए इसको जनांदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के नाम हैं।

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