महराजगंज से बड़ी खुलासा : बीजेपी युवा मोर्चा के पदाधिकारी चंचल चौबे ने पब्लिसिटी के लिए खुद पर चलवाईं गोली

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ब्यूरो चीफ भानु प्रताप तिवारी की रिपोर्ट

आज कल की नए सिनेमाओं को देख, नये लड़के हर वो चीज आजमाने को तैयार हैं, जो उन्हें रातों-रात बुलंदियों पर पहुंचा दे। कुछ यही तरीका भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारि जिला मंत्री चंचल चौबे ने अपनाया कानून-व्यवस्था की अपनी ही सरकार में धज्जियां उड़ा देने वाले इस सिरफिरे की करतूत से जिले की पुलिस सवालों में घिर गयी थी।

आइये आपको बताते चलें कि इस मामले की पूरी जानकारी

महराजगंज: 2 अगस्त की रात करीब 8 बजे नगर के रक्षा स्वीट एंड बैकर्स हाउस पर उस वक्त कोहराम मच गया था जब मोटरसाईकिल सवार दो युवकों ने गोली चला दी थी।
उस वक्त कहा गया कि यह फायरिंग भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी जिला मंत्री शिवभूषण चौबे उर्फ चंचल चौबे की हत्या के मकसद से की गयी थी। घटना के तुरंत बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल से लेकर सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल और जयमंगल कन्नौजिया थाने में पहुंच हाय-तौबा मचाने लगे कि कैसे जिले की कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है।
यह घटना डीएम औऱ एसपी के कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी अंजाम दिया गया था इसके बाद चारों ओर हड़कंप मच गया। गोली चलने के तुरंत बाद एसपी रोहित सिंह सजवान फोर्स के साथ वारदात स्थल पर पहुंचे और मुआयना किया। इस घटना को जिस अंदाज में अंजाम दिया गया, उसी से शक पैदा होने लगा था।

दोनों हमलावरों ने दुकान के बाहर से गोली चलायी थी जो शीशे के दरवाजे के निचले हिस्से की तरफ लगी। पुलिस के सूत्रों ने डाक टाइम्स न्यूज़ को बताया कि यदि वाकई गोली जान लेने के इरादे से चलायी गयी होती तो फायरिंग आमने-सामने से होती न कि सड़क पर से। यहीं से पुलिस का शक औऱ गहरा हो गया है।
10 दिन की पुलिस की सक्रिय जाँच मे क्राइम ब्रांच के टीम ने करीब आधा दर्जन लोगों को अलग-अलग उठाकर कड़ाई से पूछताछ की लेकिन पूरी तफ्तीश में अब एक नया मोड़ आ गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने पंत नगर मुहल्ले के निवासी भाजपा नेता चंचल चौबे को जांच के लिए उठा लिया है और उससे सख्ती के साथ पूछताछ की जा रही
इधर चंचल के राजनीतिक आकाओं ने पुलिस पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है कि केस को इस दिशा में न खोला और चंचल को बाइज्जत छोड़ दिया जाय लेकिन डाक टाइम्स न्यूज़ को मिली अंदर की जानकारी के मुताबिक अफसर किसी भी तरह के गलत राजनीतिक दबाव में आने को तैयार नहीं हैं।
कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने के नाम पर जिस तरह जिले की पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की गयी, उससे पुलिस विभाग के बड़े अफसर हैरान हैं और यह भी पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इसके पीछे सत्तारुढ़ दल के किसी और प्रमुख नेता का हाथ तो नहीं? यदि है तो फिर इसके पीछे की मंशा क्या है? क्या ये नेता इसकी आड़ में जिले के किसी बड़े अफसर का तबादला कराने की साजिश तो नहीं रचे थे?
जब डाकटाइम्स न्यूज़ के ब्यूरो चीफ भानु प्रताप तिवारी ने जब इस बारे में एसपी रोहित सिंह सजवान से बात की तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि चंचल चौबे सहित कई अन्य को उठाया गया है और जल्द मामले का खुलासा कर दिया जायेगा।
अब सबकी निगाहें पुलिस के खुलासे पर टिक गयी हैं कि क्या पुलिस वाकई सच्चाई को बयां करते हुए केस खोलेगी या फिर सत्ता के दबाव में किसी निर्दोष को बलि का बकरा बना दिया जायेगा?

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