तहसील दिवस में कांग्रेसी नेता आशीष द्विवेदी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अवैध कब्जे व आवंटन की शिकायत कराई दर्ज

सन्दीप मिश्र
ब्यूरो

रायबरेली।परगना तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम हिड़इन के ग्रामीणों द्वारा कांग्रेस नेता आशीष द्विवेदी की अगुवाई में भूमि प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों की सांठ-गांठ से चारागाह पर अवैध कब्जे व आवास भूमि आवंटन प्रक्रिया निरस्त किये जाने की मांग एसडीएम सदर से की गई। एसडीएम सदर द्वारा गामीणों को आश्वस्त करते हुवे कहा गया कि चारागाह को कब्जा मुक्त कराया जाएगा साथ ही आवास भूमि आवंटन की जांच का गलत पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।

कांग्रेस नेता आशीष द्विवेदी ने एसडीएम सदर को अवगत कराते हुवे बताया कि स्थानीय ग्रामीणों के अनुसान ग्राम हिड़इन की भूमि खतौनी खाता संख्या 005702 में गाटा संख्या 12 के अंतर्गत कुल रकबा 5.5060 हे0 कागज़ात में चारागाह दर्ज है जिसके अधिकांश भाग पर स्थानीय प्रभावशाली लोंगो द्वारा भूमि प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों की मिलीभगत से खेती की जा रही है जिससे गामीणों को पशुओ के चराई की भूमि खाली न होने से समस्या का सामना करना पड़ता है उन्होंने पशुचर हेतु चारागाह की भूमि खाली कराए जाने व दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।

स्थानीय निवासी बाबा रामचन्द्र मिश्र ने एसडीएम सदर को अवगत कराया कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुवा है कि भूमि प्रबंधन समिति के अध्यक्ष-महामंत्री अन्य पदाधिकारियों से सांठ-गांठ कर फ़र्ज़ी आवास भूमि आवंटन की पत्रावली तैयार कर तहसील के अधिकारियों को गुमराह करते हुवे स्वीकृति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं जो कि कई कारणों से स्वीकृति न दिए जाने योग्य है उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 478 ऊसर व 942 बंजर बूमी में आवंटन हेतु प्रस्ताव किया गया है जिसमे अपात्र व्यक्तियों को अज्ञात लाभ के चलते शामिल किया गया है व गुपचुप तरीके से बिना बैठक किये फ़र्ज़ी कार्यवाही तैयार की गई है समिति द्वारा अब तक समिति की बैठक और न ही खुली बैठक की गई है और न ही समिति द्वारा पूर्व में कोई भी पात्रता सूची बनाई गई है जबकि उक्त भूमि पर नीम आदि के पेड़ खड़े होने के साथ ही ज़मीदारी उन्मूलन के पहले से घूरा, खलिहान, जानवर बांधने आदि के रूप में ग्रामीणों द्वारा उपयोग किया जा रहा है चूंकि उक्त भूमि ब्लाक कार्यलय, रेलवे स्टेशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय आदि से 100 मीटर के दायरे में है अतः भूमि का व्यवसायिक मूल्य है जिसके चलते फ़र्ज़ी आवंटन कर लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

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