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राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर कार्यशाला आयोजित

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रिपोर्ट-भानु प्रताप तिवारी
गोरखपुर-गोरखपुर राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० पर गोरखपुर जनपद के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों हेतु वेबिनार कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कॉलेज के ब्रह्मलीन दिग्विजयनाथ सभागार में आयोजित इस कार्यशाला को चार सत्रों में विविध उपविषयों एवं बिंदुओं के साथ आयोजित किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मंडल श्री योगेन्द्र नाथ सिंह ने वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में परिवर्तनशील समय में जिस प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में नयी प्रवृत्तियों का प्रवेश हो रहा है और जिस प्रकार से आधुनिक तकनीक पर हम सभी की निर्भरता बढती जा रही है उसे ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति की परम आवश्यकता थी. लगभग चौंतीस वर्ष बाद आई इस शिक्षा नीति में सरकार के द्वारा समाज के हर वर्ग से सुझाव लिए गए तथा व्यापक विचार विमर्श के उपरान्त इसे लोकार्पित किया गया है.
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक श्री ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली अनेक परम्परागत चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान पेश करती है. इसके कार्यान्वयन के प्रति शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को जागरूक होना पडेगा. यह वर्तमान की मांग के अनुरूप आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक बेहतर नीति है.
वेबिनार के प्रत्येक सत्र में जुड़े समस्त प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रधानाचार्य श्री नन्द प्रसाद यादव ने कहा कि इस प्रकार की ऑनलाइन वेबिनार कार्यशालाओं की श्रृंखला को आगे भी जारी रखना चाहिये क्योंकि शिक्षण में लगे हुए सभी लोगों के बेहतर प्रशिक्षण एवं निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए यह आवश्यक है.
कार्यशाला के प्रत्येक सत्र का विषय प्रवर्तन कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजेश चंद्र गुप्त विक्रमी ने किया. उन्होंने विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा जगत् समाज व राष्ट्र की आने वाली पीढ़ियों को गढने का कार्य करता है. नई शिक्षा नीति ने शिक्षा जगत की सामयिक चुनौतियों के सैद्धांतिक पक्ष के साथ साथ तकनीकी पक्ष को भी छुआ है. इसमें डिजिटल शिक्षा के साथ ही शिक्षा में प्रयोगवादी संभावनाओं पर भी मार्गदर्शक सिद्धांत सन्निहित हैं. यह शिक्षा सुधार के साथ साथ शिक्षा नवाचार को भी प्रोत्साहित करने की सुंदर रूपरेखा है जिसका देश ने स्वागत किया है.
व्याख्यान के प्रथम सत्र में डॉ. कीर्ति दूबे एवं डॉ. सरोज ने नई शिक्षा नीति के परिचयात्मक बिंदुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया तथा इसके आयामों के विषय में विस्तार से जानकारी दी.
द्वितीय सत्र में श्री वीरेंद्र कुमार सिंह एवं डॉ. अंकिता राय ने नई शिक्षा नीति के सैद्धांतिक पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया तथा इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
तृतीय सत्र में श्री कृपाशंकर तथा डॉ. सुधा पासवान ने इसके व्यावहारिक पक्षों पर प्रस्तुतीकरण देते हुए इसकी बारीकियां बतलाईं.
चतुर्थ सत्र में श्री ज्ञानेश पाण्डेय एवं श्रीमती नेहा श्रीवास्तव ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रयोगवादी नवाचार एवं डिजिटल शिक्षा के विषय में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया।
कार्यक्रम का तकनीकी संयोजन प्रदीप कुशवाहा, प्रशांत शर्मा, अच्युतानन्द द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सुशील कुमार व अंबिकेश्वर सिंह ने व्यवस्था में सहयोग किया तथा श्री दुर्गा यादव ने कार्यक्रम का आयोजन प्रबन्ध किया। उक्त कार्यक्रम में विद्यालय के उपप्रधानाचार्य प्रमोद कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

इस वेबिनार कार्यशाला में जनपद के कुल 281लोगों ने प्रतिभाग किया।

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